पाठ-१ हमारे आस पास के पदार्थ | पदार्थ (द्रव्य) क्या है ? CLASS 9TH


M.D.M PUBLIC SCHOOL JANI KHURD
HOME ASSIGNMENT
SESSION – 2020 – 2021
CLASS – 9th

SUBJECT – CHEMISTRY
SUBJECT  TEACHER - RAJ KUMAR SIR

 पाठ-१   हमारे आस पास के पदार्थ 

पदार्थ (द्रव्य) क्या है ?
हर एक वह वस्तु जो स्थान घेरती हो और जिसमे भार हो पदार्थ या द्रव्य कहलाती है | जैसे - ईंट,पत्थर,हवा,पानी,आदि |







पदार्थ की अवस्थाएँ ?



पदार्थ की पाँच अवस्थाएँ होती है -  




(i) ठोस अवस्था (SOLID STATE) :- पदार्थ या द्रव्य की वह अवस्था जिसका आकार व आयतन दोनों निश्चित रहते है , द्रव्य या पदार्थ की ठोस अवस्था कहलाती है | 

दूसरे शब्दो मे , पदार्थ की वह अवस्था जिसमे कणो के मध्य अंतराआण्विक स्थान नगण्य होता हो , पदार्थ की ठोस अवस्था कहलाती है | 
जैसे :-  ईंट,पत्थर,लकड़ी,लोहा,सोना,चाँदी,निकिल,कोबाल्ट आदि |




ठोस कठोर होते है |  

इनके कणो के मध्य रिक्त स्थान नहीं होता | 


ठोसों का आकर और आयतन निश्चित होता है | 

ठोसों को दबाया नहीं जा सकता | 


 ठोसों में बहने का गुण नहीं होता और इनके गलनांक व क्वथनांक उच्च होते है | 

द्रव अवस्था (LIQUID STATE) :- पदार्थ या द्रव्य  अवस्था जिसका आकर अनिश्चित व आयतन निश्चित होते हो द्रव्य की द्रव अवस्था कहलाती है | 

दूसरे शब्दों मे , पदार्थ की वह अवस्था जिसमे कणो के मध्य अंतरा आणविक स्थान ठोसों की अपेक्षा थोड़ा अधिक होता है , द्रव्य की द्रव अवस्था कहलाती है | 
जैसे :-  पानी,दूध,तैल,सम्पो,घी  आदि | 




द्रवों का आयतन निश्चित व आकर अनिश्चित होते है | 


द्रवों के कणो के बीच रिक्त स्थान ठोसों से थोड़ा ज्यादा होता है | 


द्रवों को ठोसों की अपेक्षा थोड़ा ज्यादा दबाया जा सकता है | 


द्रवों मे बहाने का गुण पाया जाता है | 
इनका गलनांक व क्वथनांक थोड़े कम होते है | 

गैस अवस्था (GAS STATE) :- पदार्थ या द्रव्य की वह अवस्था जिसका आकर व आयतन दोनों अनिश्चित रहते हो द्रव्य की गैस अवस्था कहलाती है |
दूसरे सब्दो मे , पदार्थ की वह अवस्था जिसमे पदार्थ के कणो के मध्य अंतरा अणुक स्थान बहुत ज्यादा रहता हो , द्रव्य की गैस अवस्था कहलाती है | 
जैसे :- हाइड्रोजन ,नाइट्रोजन ,ऑक्सीजन ,हवा ,LPG आदि | 





गैसों का आकर व आयतन दोनों अनिश्चित रहते है | 

गैसों के कणो के मध्य रिक्त स्थान काफी अधिक होता है | जिससे ये सभी संभव दिशाओ मे निरंतर गति करते रहते है |  


गैसों को ठोसो,द्रवों की तुलना मे अधिक दबाया जाता है | 


इनका गलनांक व क्वथनांक बहुत काम होते है | 


इनमे बहने का गुण बहुत अधिक पाया जाता है | 

प्लाज्मा (PLAZMA) :- 


भौतिकी और रसायन शास्त्र में, प्लाज्मा आंशिक रूप से आयनीकृत एक गैस है, जिसमें इलेक्ट्रॉनों का एक निश्चित अनुपात किसी परमाणु या अणु के साथ बंधे होने के बजाय स्वतंत्र होता है। प्लाज्मा में धनावेश और ऋणावेश की स्वतंत्र रूप से गमन करने की क्षमता प्लाज्मा को विद्युत चालक बनाती है | 


बोस आइंस्टीन संघनन (BOSS IENSTIN SONDONSET ):- बोस-आइंस्टाइन द्राव या बोस-आइंस्टाइन संघनित (Bose–Einstein condensate (BEC)) पदार्थ की एक अवस्था जिसमें बोसॉन की तनु गैस को परम शून्य (0 K या −273.15 °C) के बहुत निकट के ताप तक ठण्डा कर दिया जाता है। इस स्थिति में अधिसंख्य बोसॉन निम्नतम क्वाण्टम अवस्था में होते हैं और क्वाण्टम प्रभाव स्थूल पैमाने पर भी दिखने लगते हैं। इन प्रभावों को 'स्थूल क्वाण्टम परिघटना' (macroscopic quantum phenomena) कहते हैं।




क्वथनांक :- वायुमंडलीय दाब पर वह ताप जिसपर कोई द्रव उबलने  लगता है उस द्रव का क्वथनांक कहलाता है | 

दूसरे शब्दो मे , किसी द्रव का वह ताप जिस पर द्रव का दाब बाह्य वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है | 
जैसे :- जल का क्वथनांक 100 डिग्री होता है |  

 गलनांक :- वायुमंडलीय दाब पर वह ताप जिस पर कोई ठोस पिंघलकर द्रव अवस्था मे आ जाता है , वह ताप उस द्रव का गलनांक कहलाता है |

जैसे :- 

हिमांक :- वायुमंडलीय दाब पर वह ताप जिस पर कोई द्रव जमना शुरू हो जाये वह ताप उस द्रव का हिमांक कहलाता है |

जैसे :- जल का हिमांक 0 डिग्री है |  

वाष्पन :- वायुमंडलीय दाब पर वह ताप जिस पर कोई द्रव वाष्प अवस्था मे बदलना शुरू हो जाये वह ताप उस द्रव का वाष्पन कहलाता है | 

जैसे :- जल को गरम करने पर वह वाष्प मे बदल जाता है | 

वाष्पीकरण :- वायुमंडलीय दाब पर किसी द्रव को गरम करने पर एक स्थिति ऐसी आती है जब द्रव वाष्प बनने लगता है , इस परिक्रिया को वाष्पीकरण कहते है | 









वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले करक - 
(i) ताप का प्रभाव :- ताप बढ़ाने पर वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है ,तथा ताप घटने पर घट जाती है | 




(ii) सतही क्षेत्रफल परिवर्तन :- क्षेत्रफल बढ़ने पर वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है | 

(iii) आद्रता अधिक होने पर :- यदि मौसम मे आद्रता है तो वाष्पीकरण की दर घट जाती है | 

उर्ध्वपातन(sublimation) क्या है ?

कुछ पदार्थ ऐसे होते है कि उनको गरम करने पर वे बिना द्रव अवस्था मे बदले सीधे गैस अवस्था मे बदल जाते है इस प्रक्रिया को ही उर्ध्वपातन (sublimation) कहते है | 
जैसे :- कपूर , आयोडीन ,नौसादर आदि | 








LESSON COMPLETE


धन्यवाद | 

किसी भी तरह की शिकायत या हैल्प के लिए संपर्क करे - 8126271896 ( 3:00 PM TO 5:00 PM ) 
हमारा यूट्यूब चैन   -       CLICK HERE

पाठ -2 -  CLICK HERE
प्रकाश क्या है ?CLICK HERE 
प्रकाश पुंज क्या है ?CLICK HERE
दर्पण क्या है ? - CLICK HERE
प्रकाश का अपवर्तन ? - CLICK HERE


GK QUESTION IN HINDI

GK QUESTION IN HINDI 

विज्ञान के कुछ प्रश्न  Q 1. वायु में कौन-सी गैस की मात्रा अधिक है ?   -  नाइटोजन 
Q 2. सबसे अधिक तन्य तत्व कौन - सा  है ?     -   सोना 
Q 3. कौन - सा तत्व विद्युत का अच्छा चालक है ? -  चांदी 
Q 4. सोडियम क्लोराइड का सामान्य नाम किया है ?  - साधारण नमक, टेबुल साल्ट  
Q 5. भोजन का पाचन मुख्यत: किस अंग द्वारा होता -  छोटी आंत 
Q 6. शुष्क बर्फ किसे कहते है                                   -   ठोस CO2  
Q 7. विटामिन A की कमी से कौन सा रोग होता है |  -   रतोंधी 
Q 8. लाल रक्त कण किस्मे उत्पन्न होते है              -  अस्थिमज्जा मे 
Q 9. पानी चोक के मिश्रण को कैसे पृथक करेंगे      -    वाष्पन द्वारा 
Q 10. जल का रसायनिक सूत्र क्या है                   -    H2O
Q 11. खट्टे फलो मे कौन - सा विटामिन होता है      -   विटामिन C 
Q 12. बादल गरजने पर प्रकाश पहले दीखता है पर आवाज बाद मे आती है क्यों -  क्योंकि प्रकाश का वेग ध्वनि से ज्यादा है | 
Q 13. बर्फ जल पर तैरती है क्यों ?              -    बर्फ जल से हलकी है  
Q 14. रेबीज के टीके की खोज किसने की        -    लुइस पाश्चर ने 
Q 15. कौन- सी धातु द्रव अवस्था मे पायी जाती है  -  पारा 



हमारा यूट्यूब चैनल   -  click here

प्रकाश क्या है ? - CLICK HERE 
प्रकाश पुंज क्या है ? - CLICK HERE
दर्पण क्या है ? - CLICK HERE
प्रकाश का अपवर्तन ? - CLICK HERE

SUVICHAR

आज का सुविचार 

अगर  आप सही हो 
तो कुछ भी साबित मत करने की कोशिश मत करो 
बस सही बने रहो वक्त khud गवाही दे देगा | 
  

तैयारी इतनी ख़ामोशी से करो की 
सफलता सोर मचा दे | 

जिसको सपने देखने अच्छे लगते है 
उसको रात छोटी लगती है 
और 
जिसको सपने पूरा करने अच्छे लगते है 
उसको दिन छोटा लगता है | 

सपने  वो नहीं जो हमें नींद मे देखते है 
सपने वो है जो हमें नींद आने नहीं देते | 
  
खुद की SELFIE निकलना सेकेंडो का काम है | 
मगर खुद  IMAGE बनाने मे जिंदगी गुजर जाती है |  
  

 मुश्किल कुछ भी नहीं है दुनिया मे ,
तू जरा हिम्मत तो कर ,
ख्वाब बदलेगा हकीकत मे ,
तू जरा कोशिश तो कर | 

आज के ज़माने मे ज्यादा अच्छा होना भी 
भी एक गलती है ,
क्योंकि लोगो को लगता की आप दिखावा कर रहे है | 

दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है ,
एक कामयाबी ही है जो 
ठोकर खाकर ही मिलती है | 

कोशिश आखिरी सांस तक करनी चाहिए , 
मंजिल मिले या तजुर्बा दोनों ही नायब है | 

वस्तुएं बल से छीनी या धन से खरीदी जा सकती हैं, किंतु ज्ञान केवल अध्ययन से ही प्राप्त हो सकता है |
सफलता की ख़ुशी मानना अच्छा है पर उससे ज़रूरी है अपनी असफलता से सीख लेना.
जो स्वयं पर विजय प्राप्त कर ले, उन्हें ही असली आनंद की प्राप्ति होती हैं.

यदि शान्ति चाहते हो तो दूसरों के दोष मत देखो, बल्कि अपने ही दोष देखो |

त्रुटियां उसी से नहीं होंगी, जो कोई काम करें ही नहीं |
गलतियां किए बिना कोई व्यक्ति बड़ा और महान नहीं बनता है |
शिक्षा स्वतंत्रता के स्वर्ण द्वार खोलने के कुंजी है.
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है. 

जीवन में बस वही वास्तविक असफलता है जिससे आपने सीख नहीं ली.
हमारा यूट्यूब चैनल   -       click here
प्रकाश क्या है ? - CLICK HERE 
प्रकाश पुंज क्या है ? - CLICK HERE
दर्पण क्या है ? - CLICK HERE

प्रकाश का अपवर्तन ? - CLICK HERE


रेलवे के लिए अन्य प्रशन CLICK HEREGK कुछ सामान्य शार्ट ट्रिक - CLICK HEREप्रकाश का परावर्तन हिंदी मेCLICK HEREरेलवे के लिए मोस्ट GK - click here जरनल साइंस के प्रशन  - click hereप्रकाश का परावर्तन - click hereगुणनखंड कैसे करते है - click here

Purnvarg banakar gunankhand kaise kare

Purnvarg banakar gunankhand kaise kare
जैसा की आप सभी जानते है की पूर्णवर्ग बनाकर गुणनखंड करना कितना कठिन है तो आज हम आपकी इस समस्या का समाधान करेंगे ताकि आप इससे छुटकारा पा सके तो टाइम बिना गवाए चलते है दोस्तों अपने इस टॉपिक पर सबसे पहै आप हमारा ये वीडियो देखे ले 
नमस्कार  दोस्तों आपका स्वागत है | हमारे इस ब्लॉग मे | 
किसी भी तरह की शिकायत या हैल्प के लिए संपर्क करे - 8126271896 ( 3:00 PM TO 5:00 PM )



यदि आपका अभी कोई सवाल है तो आप हमसे संपर्क कर सकते है निचे नंबर दिया गया है 
या आप ये दो इमेज देखकर भी सिख सकते है 



CONTECT NUMBER - 8126271896 ( 2:00 PM TO 6:00 PM )
हमारा यूट्यूब चैनल   -       click here
प्रकाश क्या है ? - CLICK HERE 
प्रकाश पुंज क्या है ? - CLICK HERE
दर्पण क्या है ? - CLICK HERE
प्रकाश का अपवर्तन ? - CLICK HERE


                                                                     धन्यवाद

रेलवे के लिए अन्य प्रशन CLICK HEREGK कुछ सामान्य शार्ट ट्रिक - CLICK HEREप्रकाश का परावर्तन हिंदी मेCLICK HEREरेलवे के लिए मोस्ट GK - click here जरनल साइंस के प्रशन  - click hereप्रकाश का परावर्तन - click hereगुणनखंड कैसे करते है - click here

10TH MATH EX 1.1 KE QUESTION



Q1.  निम्न लिखित प्रसनो को युकिल्ड विभाजन प्रमेयिका से H.C.F ज्ञात कीजिये 
   (i) 135 and 225
      इस प्रश्न मे हम युकिल्ड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करेंगे | 
      सबसे पहले आपको ये देखना है की सबसे छोटी संख्या कोन - सी है, फिर आपको छोटी संख्या से बड़ी को भाग देना है और जो शेषफल बचेगा उससे फिर भाजक को भाग देना है ये प्रकिरिया जब तक चलनी है जब तक शेषफल मे शून्य न बच जाये जब शेषफल मे शून्य बच जाये तो b  आपका H.C.F होगा | निचे प्रश्न को हल किया गया  है | 
ANS :-         135 < 225
              युकिल्ड विभाजन प्रमेयिका से  a = bq + r
                  225 = 135*1+90
                  135 = 90*1+45
                  90   = 45*2+0

                  h.c.f = 45

(ii) 196 AND 38226
    इस प्रशन को भी आप ऐसी तरह से करेंगे 
ANS:-             196 < 38226 
              युकिल्ड विभाजन प्रमेयिका से  a = bq + r
              38226 = 196 * 195 + 0 
           
                    H.C.F = 196
                                 यूट्यूब चैनल   -       click here
             

10TH CLASS LESSON NO 1 EX 1.1

10TH CLASS LESSON NO 1 EX 1.1

जैसा की आप सभी लोग जानते है कि एग्जाम करीब है तो आपको इत्यधिक मेहनत करनी पड़ेगी इसके लिए आप बने रहे हमारे युटुब चैनल पर और साथ ही आप हमारे साथ जुड़े रहे ताकि आपको दे एक दिशा ताकि आप अच्छे आंक प्राप्त कर सके  | 
आज हम आपको बताने जा रहे है युकिल्ड विभाजन प्रमेयिका ये कुछ इस तरह से है | 


युकिल्ड विभाजन प्रमयिका :- किन्ही दो धन पूर्णांको a और b के लिए दो पूर्ण संख्याए r व q इस प्रकार है | 

a = b*q = r 
विभाज्य = ( भाजक *भाजक ) + शेषफल 
जहा पर  0 ≤ r <b है | 
EX :- जैसे हम यदि 111 को 12 से भाग देते है  
ANS :-          तो हमें भागफल = 8 तथा शेषफल = 7 प्राप्त होता है | 

यहाँ विभाज्य = 111 , भाजक = 13 , भागफल = 8 , शेषफल = 7 

                111 = ( 13 * 8  ) + 7 

EX :- एक संख्या को जब 73 से भाग दिया जाता है तो भागफल 34 तथा शेषफल 23 प्राप्त होता है | 
ANS :-  यहां भाजक =73 , भागफल =34 और शेषफल =23 
               युकिल्ड विभाजन प्रमेयिका से 
                विभाज्य = ( भाजक * भागफल ) + शेषफल 
                              = (37*34) + 23 
                              = 2482 + 23
                              = 2505 
अत:यह अभीष्ट संख्या 2505 है | 

युकिल्ड विभाजन एल्गोरिथम :- एल्गोरिथम सुपरिभाषित चरणों की एक श्रंखला होती है जो एक विशेष प्रकार की समस्या को हल करने की एक प्रक्रिया या विधि है | 

किन्ही दो धन पूर्णांको a और b के लिए दो पूर्ण संख्याए r व q इस प्रकार है | 

a = b*q = r 
विभाज्य = ( भाजक *भाजक ) + शेषफल 
जहा पर  0 ≤ r <b है | 
ज्यादा जानकारी के लिए हमारा नीचे का वीडियो देखो आपलो समँझ म आ जायेगा | 
हमारा यूट्यूब चैनल   -       click here
रेलवे के लिए अन्य प्रशन CLICK HEREGK कुछ सामान्य शार्ट ट्रिक - CLICK HEREप्रकाश का परावर्तन हिंदी मेCLICK HEREरेलवे के लिए मोस्ट GK - click here जरनल साइंस के प्रशन  - click hereप्रकाश का परावर्तन - click hereगुणनखंड कैसे करते है - click here